Monday, 12 December 2011

प्यार .. सद्भाव






बिखरा जहाँ पर प्यार है,
भाई बहनों का दुलार है,
कभी छदम सी डांट है
कभी मीठी सी फटकार है,

कभी रूठना-मनाना है,
कभी बोलकर बुलाना है,
हर सुबह के आगाज़ पर
कोई शुभ गीत सुनाना है,

शुभप्रभात हमारा स्नेह है,
यहाँ बरसता नेह है,
हम लोगों का संसार है,
आभासी नहीं
सदेह सजीव हैं..............


प्यार का... सद्भाव का
सहज से लगाव का
सुन्दर यह अंजुमन

अनजाने चेहरों की आत्मीयता का
शब्द शब्द सजीवता का
अद्भुत यह अंजुमन

सुन्दर मन में ही जन्म ले सकती हैं
'शुभ प्रभात' की परिकल्पना
तेरा घर... मेरा घर
हम सबका घर
'अंजू' का बसाया यह 'अंजुमन'

शब्द करते हैं चमत्कार
अगर आँखें देखने को हों तैयार
सुन्दर यह अंजुमन

खिलते रहें हरदम
बाँट लें हर गम
अपना यह अंजुमन

3 comments:

  1. 'mankeebaaten' is simply Great:) and the person who owns this blog is even Greater!!!! Hats off to you Chandrasekhar bhaiya:)

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  2. Anupama ji
    You are so fast to access blogs .. Hats off to you ..

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  3. अद्भुत यह अंजुमन....अध् भूद...प्यार के सह्ब्दीन का संगम है ......में अभिभूत हुआ आज दिन भर समय नहीं मिल बस अभी आ कर सबसे पहले भाई का आशीर्वाद लेता हूँ ...फिर आगे बढ़ता हूँ ....बहुत थकावट और स्ट्रेस था ४ दिन से ....फिर भी आप सब के बिच ये ही अनुभूति खिंच लती है बस ////सदर प्रेम भाई जी ..अनु जी ....!!!niraml

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