Monday, 26 December 2011

जन्मदिन के शुभ अवसर पर इस सुन्दर बेला में!


धन्य धन्य भये हम अंजु अनु
मन मोहती, बहती रहे
यूँ ही अविरल ये स्नेह धारा ..
बस यही संदेस हमारा ..


दिसम्बर २७, २०११

'अनु'

जीवन के इस पथ पर
मिला है साथ तुम्हारा,
खिले कई नवांकुर,
सार्थक जीवन धारा.....

रहें कहीं भी, प्रेम
मगर है अपने मन में
बांध लिया है मुझे
अनोखे इस बंधन में,

स्नेह-वर्षा का मोल चुकाना
नहीं है संभव बहना,
पग पग मिले आशीष
सदा प्रसन्नचित रहना,

हृदय डोर के कई सिरों
पर हमने बांधी,
रिश्तों की सौगात
हमारी सबकी सांझी,

आज बन गया खास
ये दिन हर वर्ष है आया,
साथ किन्तु इस बार
अनोखी खुशियाँ लाया,

जीवन पथ पर मिला मुझे
परिवार है प्यारा,
इनको पाकर धन्य हो
गया जीवन सारा............


- Anju Sharma





२६ दिसम्बर २०११

अंजू बहन को जन्म दिवस पर अनुपमा के सुन्दर शब्दों से रची एक पावन रचना भेंट स्वरुप:




जन्मदिन के शुभ अवसर पर
इस सुन्दर बेला में!
जीवन के सारे रंग खिल जाएँ
इस अनोखी बेला में!!

खुशियों से भर जाए आँचल
प्रेम वर्षा से भींग जाए मन आँगन
व्यस्तताओं के बीच
खिल आये दो पलों का अवकाश
इस पावन बेला में!

जन्मदिन के शुभ अवसर पर
इस सुन्दर बेला में!
जीवन के सारे रंग खिल जाएँ
इस अनोखी बेला में!!

शुभकामनाओं और आशीषों का भण्डार
बहन तुम्हें क्या दूं उपहार
सारी खुशियाँ... तेज सकल
रौशन कर दे तेरा मुखचन्द्र
इस सुन्दर बेला में

जन्मदिन के शुभ अवसर पर
इस सुन्दर बेला में!
जीवन के सारे रंग खिल जाएँ
इस अनोखी बेला में!!

कलम पर रहे सदा
माँ शारदे की कृपा
अक्षर अक्षर शब्द शब्द
करते रहे अमृत वर्षा
इस अनुपम बेला में!

जन्मदिन के शुभ अवसर पर
इस सुन्दर बेला में!
जीवन के सारे रंग खिल जाएँ
इस अनोखी बेला में!!




- अनुपमा

शुभकामनायें
शेखर

7 comments:

  1. Anju bahan,
    Many happy returns of the day. Wish all your dreams come true, on this Birthday.

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  2. Anju .. tumhare liye Anu ne badi pyaari gift di hai ... Anu tumhe bhi bahut saara pyaar aur Anju ko hardik shubhkamnaen...

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  3. Anupama, itna achhe shabd padhkar man jaise bheeg gaya hai....kuchh kehna sambhav hi kahan hai.....:)

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  4. Anju & Anupama bahan,

    This post (Kavita) has been updated .. :))

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  5. आहा !!!!

    "बरस रहा है नेह
    है भीगा तन मन सारा"

    सस्नेह

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  6. कवित्री बहनों के बीच उनकी सुन्दर रचनायों से वाकई "बरस रहा है नेह
    है भीगा तन मन सारा" ..
    गीता दीदी आप यहाँ 'मन की बातें' तक आयीं, बहुत बहुत आभार आपका ..

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